अच्छी नींद के लिए युक्तियां

नींद क्या है। Sleep meaning in hindi

रात की नींद को “भूताधात्री” कहा जाता है, जो की एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है, ‘संपूर्ण सृष्टि की माता’। जिस प्रकार मां अपनी संतान का पालन पोषण करती है, उसी प्रकार सृष्टि नींद की स्थिति में विश्राम देकर सब को पोषित करती है। हमारी दैनिक दिनचर्या में नींद एक प्राकृतिक और आवश्यक भाग है, यह हमको उर्जा प्रदान करती है, जो कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए आव्यशक है। गहरी व सही मात्रा में ली गई नींद हमारे मन व शरीर को संपूर्ण विश्राम देती है जिससे हम को ताजगी मिलती है और हम ऊर्जावान तथा प्रसन्न हो जाते हैं।
आधी अधूरी नींद (आवश्यकता से अधिक, कम या परेशानी वाली नींद) के कारण दुख, दुर्बलता, कमजोरी, सुस्ती, लघु जीवन अवधि आदि कठिनाइयां उत्पन्न हो जाती है।
आईये निद्रा के बारे में कुछ और विस्तार से चर्चा करते हैं। इस लेख में हम यह भी जानेंगे कि अनिद्रा का मुख्य कारण क्या है? हम यह भी जानेंगे की रात को अच्छी नींद लेने के लिए हमें कोन से नियम व उपाय करने चाहिए।

अच्छी नींद के लिए युक्तियां । Tips for good sleep in Hindi । Sleeping tips in Hindi

  1. सोने से पहले पैरों को धो लें। तलवों की मालिश करना भी अच्छा है।
  2. सोते समय ढीले व आरामदायक वस्त्र पहनें जो कि शरीर में हवा का संचार करें।
  3. सोने से पहले लंबी गहरी सांसे ले तथा ध्यान अवश्य करें।
  4. पैरों को दक्षिण दिशा की ओर करके न सोए तथा गुरु, भगवान की मूर्ति, देवी-देवता के चित्र, लोग, वस्तुएं तथा सम्मानित स्थानों की ओर पैर न करें।
  5. रसोई घर में न सोए तथा शयन कक्ष के भीतर खाने पीने की वस्तुएं न रखें।
  6. ध्यान रखें कि शयनकक्ष के भीतर ताजी बहती हुई हवा आए।
  7. कभी भी अंधेरे व गीले कमरे में न सोए।
  8. सिर को थोड़ा ऊपर रखें’ पतला तकिया लगाएं।
  9. गर्मियों में छत पर य खुले आकाश के नीचे सो सकते हैं परंतु सर्दियों या वर्षा ऋतु में नहीं।
  10. सूरज की सीधी रोशनी में सोना ठीक नहीं है हालांकि चांदनी रात में सोना ठीक है यदि बाकी सारी परिस्थितियां अनुकूल हो तो।

दिन में सोना । Is sleeping during the day bad for your health

आयुर्वेद के अनुसार दोपहर में सोने से शरीर में कफ बढ़ जाता है, रक्त संचार में रुकावट आती है, जिसके कारण सिर भारी हो जाता है, सांस लेने में कठिनाई होती है। उनींदापन, ज़ुकाम खांसी, सिरदर्द, पाचन विकार, छाले, खुजली, गले की तकलीफ, खून की कमी आदि बढ़ जाते है।

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