नियमित सैर के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप

तन-मन-धन तीनों की सुरक्षा चाहते हैं, तो आपके लिए चलना बहुत जरूरी है। सुबह-शाम की नियमित सैर करने से आपका शरीर सक्रिय रहता है। शरीर के सक्रिय रहने से मूड अच्छा रहता है।
मूड अच्छा रहने से बीमारियों की गिरफ्त में आने की आशंका कम होती है और हर साल बीमारियों पर होने वाला खर्च बच जाता है। तो फिर चलिए और चलने की सलाह दीजिए।

डिप्रेशन
शोध के अनुसार जो लोग हर सप्ताह 6-9 मील चलते हैं उनमें बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त कम होने की डिमेंशिया जैसी समस्या की आशंका कम हो जाती है।

डायबिटिज
डायबिटिज में आहार पर नियंत्रण करने से काफी राहत मिलती है। यदि इसके साथ-साथ हर दिन 30 मिनट पैदल चलना शुरू किया जाए, तो टाइप-2 डायबिटिज के खतरे को भी कम कर सकते हैं।

हृदय रोग
हर दिन 30 मिनट की सैर हृदय रोग के खतरे को भी कम करती है। साथ ही इससे तनाव, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर पर काबू पाने में भी मदद मिलती है।

दर्द में राहत
हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होने पर भी पैदल चलना एक कारगर उपाय है। इससे दर्द में राहत मिलती है। शरीर की कार्यप्रणाली दुरुस्त होती है और गतिशीलता आती है।

तनाव से राहत
सुबह या शाम की सैर एंडोरफिंस नामक न्यूरोपेप्टाइड्स को सक्रिय करती है। इससे शरीर को आराम मिलता है, बेचैनी और चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षणों में भी सुधार होता है।

विशेषज्ञ सेहत में सुधार के लिए प्रतिदिन 6000 कदम और वजन कम करने के लिए 10,000 कदम चलने की सलाह देते हैं।

साल 2000 में किए गए एक शोध के नतीजे बताते हैं कि नियमित रूप से सैर करना प्रति वर्ष सेहत पर किए जाने वाले खर्च का 330 डॉलर यानी लगभग 20 हजार रुपये बचा सकता है।

यह भी दिलचस्प है 1970 में 66 प्रतिशत बच्चे पैदल स्कूल जाते हैं जबकि आज के समय में यह आंकड़ा सिर्फ 13 प्रतिशत है।

ऑस्ट्रेलिया का एक व्यक्ति प्रति दिन 9,695 कदम चलता है, जबकि जापान में एक व्यक्ति द्वारा औसतन 7,168 कदमों की दूरी ही पैदल तय की जाती है, वहीं एक अमेरिकी व्यक्ति एक दिन में औसतन सिर्फ 5,117 कदम चलता है।

पैदल चलने के चलन का कम होना शोधकर्ताओं की नजर में एक सांस्कृतिक दुघर्टना भी है, क्योंकि अब लोग पैदल चलने को मजबूरी समझते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर
प्रति सप्ताह पैदल चलना ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं में मोर्टेलिटी (मृत्यु दर) के खतरे को 50 प्रतिशत कम करता है।
की सैर और 1500 कैलोरी का सेवन प्रतिदिन करने वाली महिलाएं अपना वजन नियंत्रित रख सकती हैं।

प्रोस्टेट कैंसर 
प्रति सप्ताह पैदल चलने वाले प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में मोर्टेलिटी की आशंका 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

जो महिलाएं नियमित सैर करती हैं उनमें कोलेन कैंसर की आशंका व्यायाम या सैर न करने वाली महिलाओं की तुलना में 31 प्रतिशत कम हो जाती है।

यदि आप हर रोज सूरज के प्रकाश में सैर करते हैं, तो इससे शरीर में विटामिन-डी का स्तर सुधारने में भी मदद मिलती है

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